पुलिस ने यह मांग ठुकराई, अब जल्द ही गिरफ्तार होंगे ‘विवादों के बापू’!

Asaram-Bapuनई दिल्ली। नाबालिग लड़की के यौनशोषण के आरोप में फंसे आसाराम बापू को पुलिस के समक्ष पेश होने की अवधि शुक्रवार को समाप्त हो रही है। इस बीच खबर है कि आसाराम ने कहा है कि उनके समधी की मौत हो गई और पुलिस के सामने पेश होने के लिए और 15 दिनों की मोहलत चाहिए। उनकी इस मांग को पुलिस पहले भी ठुकरा चुकी है। इसके बाद अब उनकी गिरफ्तारी तय मानी जा रही है। आसाराम की गिरफ्तारी के लिए एसीपी के नेतृत्व में तीन थानेदारों की टीम भी बना दी गई है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक शनिवार सुबह आसाराम जहां भी होंगे, उन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीम रवाना हो जाएगी। जोधपुर के पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसेफ ने कहा कि अगर वह पेश न हुए तो हम 31 अगस्त को उन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीम रवाना करेंगे।

गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस ने इंदौर स्थित उनके आश्रम पहुंचकर 30 अगस्त तक जांच अधिकारी के सामने पूछताछ के लिए पेश होने की हिदायत दी थी। हिदायत में साफ कहा गया है कि अगर पेश नहीं हुए तो गिरफ्तारी होगी। इस बीच इस मामले के तीन अन्य आरोपी गुरुकुल की वॉर्डन शिल्पी, अटेंडेंट केशव और आश्रम के केयरटेकर शिव गुरुवार को पूछताछ के लिए पुलिस के सामने हाजिर हुए।

इस बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल हुई जिसमें आसाराम पर लगे नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपों की कोर्ट निगरानी में सीबीआइ जांच कराए जाने की मांग की गई है। संसद में भी गुरुवार को इस मामले की गूंज रही। संसद इस मसले पर शुक्रवार को विचार करेगी।

इरूदया नाथन ने अपने वकील एन राजारमन के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में मामले की सीबीआइ जांच का आदेश देने के अलावा नाबालिग पीड़िता के हित भी संरक्षित करने और उस पर बेवजह के आरोप लगाकर बदनाम न किए जाने की भी मांग गई है। याचिका में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों का हवाला दिया है जो कि नाबालिग बच्चों के हित संरक्षित करने की बात करता है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस मामले में इस एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन हो रहा है। याचिका में आसाराम बापू के पुत्र की ओर से पीड़ित के बारे में दिए गए बयान को आधार बनाया गया है। मांग की गई है कि पीड़िता की उम्र तय करने के लिए वैज्ञानिक जांच कराई जाए। याचिका में देशभर में यौन प्रताड़ना की शिकार बच्चियों का मुददा उठाते हुए जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधान लागू करने की मांग की गई है।

Leave a Reply