.लाहौर से दिल्ली पहुंचा, इसमें था महात्मा गांधी, नेहरू का खाता

pnb logoनई दिल्ली। आपको यह सुनकर शायद हैरानी होगी कि देश के एक बड़े सरकारी बैंक ने अपना सफर लाहौर के एक बाजार से शुरू किया। जिसमें महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी जैसे महान नेताओं का खाता था। इतना ही नहीं, चर्चित जलियावाला बाग समिति का खाता भी इसी बैंक में था। आज वो बैंक दिल्ली में मौजूद है। वह है भारत का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक और संपत्ति के लिहाज से तीसरा सबसे बड़ा बैंक ‘पंजाब नेशनल बैंक’।

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को आज हर कोई जानता है। इस बैंक का पंजीकरण भारतीय कंपनी कानून के तहत 19 मई 1894 में लाहौर के अनारकली बाजार में किया गया। पीएनबी को शुरू करने वालों में स्वदेशी आंदोलन के कई बड़े नेताओं का हाथ रहा जैसे दयाल सिंह मजीठिया और लाला कृष्ण लाल आदि लेकिन लाला लाजपत राय इसके साथ सक्रिय रूप से जुड़े रहे। मजे की बात यह है कि पीएनबी की वेबसाइट के मुताबिक, लाला लाजपत राय को ही बैंक का संस्थापक माना गया है।

पीएनबी ने 12 अप्रैल 1895 में लाहौर में कारोबार करना शुरू किया। यह भारत का पहला ऐसा रहा जिसकी शुरुआत भारतीय पूंजी से हुई। साल 1990 में पीएनबी ने पहली बार लाहौर से कदम बाहर रखा और रावलपिंडी, कराची और पेशावर में शाखाएं खोली। 1947 में भारत विभाजन और पाकिस्तान की स्वतंत्रता ने पीएनबी को लाहौर को अलविदा कहना पड़ा। हालांकि, वह अब भी पाकिस्तान में कारोबार कर रहा है। विभाजन की वजह से पीएनबी को पश्चिम पाकिस्तान में 92 दफ्तरों को बंद करना पड़ा जिसमें 40 फीसद जमा राशि मौजूद थी। हालांकि, पीएनबी ने पहले से ही सोच लिया था कि वह लाहौर छोड़ भारत में पंजीकरण कराएगा। उसे 20 जून 1947 को लाहौल हाई कोर्ट से मंजूरी मिल गई और उसने अपना नया मुख्यालय नई दिल्ली में बनाया।

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